‘संकल्प’ में पंचायती राज विभाग की हाई-लेवल बैठक, पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में तेजी और बेहतर मेंटेनेंस के कड़े निर्देश
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उनके आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पंचायती राज विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने ग्रामीण विकास और ऊर्जा बचत से जुड़ी प्रस्तावित योजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े नीतिगत निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाने और उनके बेहतर रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण इकाई हैं। इनके निर्माण के साथ-साथ नियमित देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने विभाग की प्रस्तावित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर मुख्यमंत्री के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत जलमीनारों पर ऑफग्रिड सोलर पैनल लगाने की प्रस्तावित योजना, विद्युत खर्च में संभावित बचत, वित्तीय प्रबंधन, रखरखाव और अनुश्रवण से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई।
संवेदकों की तय होगी रखरखाव की जिम्मेदारी
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही भवनों के बेहतर रखरखाव और नियमित देखरेख के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण करने वाले संवेदकों को ही उनके रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके लिए संवेदकों की जवाबदेही स्पष्ट करते हुए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि भवनों का उचित रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
निर्माण के प्राक्कलन में ही शामिल हो सोलराइजेशन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नए पंचायत सरकार भवनों में सोलर पैनल लगाने की व्यवस्था निर्माण के प्राक्कलन में ही शामिल की जाए। इस कार्य को 15वें वित्त आयोग और सप्तम राज्य वित्त आयोग से भी जोड़ा जाए, ताकि आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध हो सके और सोलराइजेशन का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
5 की जगह 20 किलोवाट के लगेंगे सोलर पैनल
मुख्यमंत्री ने जलमीनारों पर सोलर पैनल की क्षमता बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित 5 किलोवाट की जगह 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएं। इससे स्थानीय लोगों को इस व्यवस्था का अधिकतम लाभ मिल सकेगा। उन्होंने सोलर पैनलों के रखरखाव, अनुश्रवण और वित्तीय प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। विभाग को योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
मुखिया, विधायक और सांसद को मिलेगी बिजली आपूर्ति की दैनिक जानकारी
मुख्यमंत्री ने पंचायतों में बिजली आपूर्ति की स्थिति की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को नियमित रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके लिए एक समर्पित टीम गठित करने को कहा। यह टीम पंचायत के मुखिया, विधायक और सांसद सहित सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों के निर्धारित मोबाइल नंबर पर प्रतिदिन उनके क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत में बिजली आपूर्ति के घंटों की जानकारी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन इस प्रकार किया जाए, जिससे पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो, ऊर्जा की बचत हो और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों से इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
बैठक में पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
