बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता : डॉ. प्रमोद कुमार
पटना। जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें लोकरंग-2026 राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति एवं पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुति के लिए कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार का सांस्कृतिक दल मंगलवार को बिहार म्यूजियम के समीप से रवाना हुआ। माननीय कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने झंडी दिखाकर दल को रवाना किया। इस अवसर पर विधान पार्षद श्री संजय मयूख भी मौजूद थे। इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की लोककला, लोकगीत एवं सांस्कृतिक परंपराएं हमारी गौरवशाली विरासत की पहचान हैं। ऐसे राष्ट्रीय मंचों के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देशभर में पहचान मिलती है और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
हमारा प्रयास है कि बिहार की लोककलाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिले। इस सांस्कृतिक दल में रंग सेतु, स्वरांगन कल्याण सेवा समिति एवं सवेरा कला केंद्र की टीमें शामिल हैं। दल का नेतृत्व श्रीमती प्रतिमा सिंह, डॉ. शिवाजी सिंह एवं श्री भारतेंदु जी कर रहे हैं। बिहार के कलाकार आगामी 5 नवंबर को जवाहर कला केंद्र, जयपुर में अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। इस दौरान कलाकार बिहार के पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्यों सामा-चकेवा, झिझिया, जट-जटिन, झूमर सहित अन्य लोकविधाओं की मनमोहक प्रस्तुति के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विविधता और लोकपरंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे।
