प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा, बाजार समितियों में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
कृषि भूमि के कम-से-कम एक-तिहाई हिस्से में परिवार के लिए अनाज उत्पादन करें किसान : विजय कुमार सिन्हा
पटना। भोजपुर जिले में ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार खेतों की उर्वरता, कृषि भूमि के संरक्षण और किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। ‘खेत बचाओ अभियान’ का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं समृद्ध बनाना है। इस अवसर पर माननीय विधायक श्री महेश पासवान एवं माननीय विधान पार्षद श्री राधाचरण साह , जिलाधिकारी श्री मनेश कुमार मीणा भी उपस्थित रहे।
श्री सिन्हा ने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल खेतों और कृषि भूमि के संरक्षण का अभियान नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति की थाली में रोटी सुनिश्चित करने का संकल्प भी है। खेत सुरक्षित रहेंगे, मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और खेती समृद्ध होगी, तभी किसानों की आय बढ़ेगी तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी थाली अन्न से खाली न रहे। खेत बचेंगे, तभी रोटी बचेगी और किसान समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि भोजपुर जिले के 24 विद्यालयों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा रही हैं। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को मिट्टी की गुणवत्ता, उर्वराशक्ति एवं पोषक तत्वों की जानकारी मिलेगी। साथ ही, मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वैज्ञानिक तरीके से संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वराशक्ति को प्रभावित करता है। खेतों की सेहत और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। सरकार बाजार समितियों में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने की दिशा में पहल करेगी, ताकि उन्हें बेहतर विपणन अवसर मिल सकें। किसान अपनी कृषि भूमि के कम-से-कम एक-तिहाई हिस्से में अपने परिवार की आवश्यकता के अनुरूप अनाज एवं खाद्यान्न का उत्पादन अवश्य करें, ताकि परिवार के लिए शुद्ध खाद्यान्न उपलब्ध हो सके ।
श्री सिन्हा ने कहा कि भोजपुर जिले में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने तथा कृषि व्यवस्था को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। इस दिशा में डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत भोजपुर जिले में अब तक 1,14,000 प्लॉट्स का सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। इससे फसलों के वास्तविक आच्छादन, कृषि भूमि के उपयोग एवं फसल संबंधी सटीक आंकड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इसी प्रकार, किसानों की एकीकृत डिजिटल पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से जिले में अब तक 1,09,000 किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। इससे किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत भोजपुर जिले के 1.80 लाख किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है। यह किसानों की आर्थिक सहायता और कृषि कार्यों में सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
