ज्ञानेश कुमार को अविलंब बर्खास्त करने की मांग, राहुल गांधी के नेतृत्व में रामलीला मैदान में जुटेंगे देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ता
रांची/नई दिल्ली। लोकतंत्र की रक्षा, संविधान प्रदत्त मताधिकार को सुरक्षित रखने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के माध्यम से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन में भाग लेने के लिए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. राजेश गुप्ता, सूर्यकांत शुक्ला, डॉ. तौसीफ, आदित्य विक्रम जायसवाल, गौरव आनंद एवं अनिल सिंह सहित प्रदेश के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के देशभर के लाखों कार्यकर्ताओं के साथ झारखंड के भी बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग को लेकर आंदोलन को निर्णायक बनाने का संकल्प व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी राजनीतिक दल का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिक के मताधिकार को बचाने की लड़ाई है। पार्टी का लक्ष्य रामलीला मैदान में 10 लाख लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि केंद्र सरकार की ओर से कथित बाधाएं उत्पन्न किए जाने के बावजूद देशभर से लोग इस आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं।
SIR के नाम पर मताधिकार से वंचित करने की साजिश का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उनका कहना है कि SIR के तहत अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) और दोहरी प्रविष्टि (Duplicate) वाले मतदाताओं की सूची यानी ASD/D सूची तैयार की जाती है। यदि इन श्रेणियों के आधार पर बिना पर्याप्त सत्यापन और उचित अवसर दिए मतदाताओं के नाम हटा दिए जाते हैं, तो पात्र नागरिक भी अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में ASD/D सूची के आधार पर नाम हटाए जाने का प्रतिशत 30 प्रतिशत तक होने के दावे सामने आए हैं। यदि ऐसा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता के नाम पर वास्तविक मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। नेताओं ने सवाल उठाया कि मतदाता सूची को शुद्ध करने की प्रक्रिया में जहां अपात्र नामों को हटाना जरूरी है, वहीं प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रखना और छूटे हुए मतदाताओं को जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। किसी भी पुनरीक्षण प्रक्रिया की सफलता का आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि एक भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो।
राहुल गांधी ने भी उठाए बाधाएं उत्पन्न करने के आरोप
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्तर से आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और कर्नाटक से आने वाले कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में बाधा उत्पन्न करने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाए जाने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। यदि किसी आंदोलन में शामिल होने जा रहे लोगों को रोका जाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निर्णायक लड़ाई
झारखंड से पहुंचे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की कथित बाधाओं के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंचकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि मताधिकार केवल मतदान करने का अधिकार नहीं, बल्कि जनता की राजनीतिक भागीदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है।
यह लड़ाई हर उस नागरिक के अधिकार की रक्षा के लिए है, जिसका नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाया जा सकता है। कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो तथा किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए। रामलीला मैदान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के साथ आंदोलन का शंखनाद करते हुए ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’, ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ और ‘SIR के नाम पर मताधिकार से खिलवाड़ बंद करो’ जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को बुलंद किया।
