रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना पर राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि यह मामला झारखंड की पुलिस व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आयोग ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई, पीड़िता को चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा पुलिस थानों में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई प्रतिवेदन (ATR) प्रस्तुत करने को कहा है। सरकार को इस दिशा में समयबद्ध ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
श्री साहू ने कहा कि जिस थाने में एक महिला न्याय और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंची थी, उसी परिसर में उसके साथ ऐसी जघन्य घटना का आरोप सामने आना राज्य के माथे पर लगा अमिट दाग है। यह बड़ा सवाल है कि अब महिलाएं सुरक्षा और न्याय मांगने कहां जाएं ? यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन की जवाबदेही और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और अन्य कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई है, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, साक्ष्यों का संरक्षण और प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसी भी दोषी को उसके पद अथवा वर्दी की आड़ में बचने नहीं दिया जाना चाहिए। श्री साहू ने राज्य सरकार से मांग किया कि पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा एवं न्यायिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच किसी भी दबाव से मुक्त हो और दोषियों को कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिले। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
