केंद्रीय मंत्री का आरोप- चुनावी हार से हताश विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर उठा रहा सवाल, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर प्रेस वार्ता में रखी अपनी बात
रांची। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करने का प्रयास कर रहा है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है और इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
डॉ. मजूमदार ने कांग्रेस, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष चुनावी पराजय के बाद अपनी नीतियों और नेतृत्व की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ईवीएम को लेकर सवाल उठाती थी और अब SIR को लेकर चुनावी प्रक्रिया पर संदेह जता रही है। उनके अनुसार, वर्ष 2014 से 2025 के बीच कांग्रेस को 56 चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
चुनावी सफलता के लिए जनता का विश्वास जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का विश्वास हासिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी नीतियों और नेतृत्व की समीक्षा करनी चाहिए। चुनावी हार के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले भी कांग्रेस चुनावों में पराजित होती रही है।
SIR को नियमित प्रक्रिया बताया
डॉ. मजूमदार ने दावा किया कि देश में SIR की प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और कांग्रेस के शासनकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन रखना चुनावी व्यवस्था का नियमित हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के पूर्व में दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया।
विपक्ष की ओर से मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि इस आंकड़े के पीछे के कारणों को भी समझना जरूरी है। उनके अनुसार, इसमें करीब 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 6.3 करोड़ दूसरे स्थानों पर जाकर बसे मतदाता और लगभग एक करोड़ दोहरे नाम शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे गए और बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर सत्यापन किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के करीब 20 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) इस प्रक्रिया से जुड़े रहे। इसके बावजूद विपक्ष की ओर से किसी ठोस गड़बड़ी का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
राहुल गांधी के आरोपों पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहा है। डॉ. मजूमदार ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के अधिकारों से संबंधित प्रावधान संविधान में स्पष्ट हैं। इसलिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले संबंधित प्रावधानों को समझना चाहिए।
दिल्ली में हंगामे को लेकर भी विपक्ष पर निशाना
डॉ. मजूमदार ने दिल्ली में हुए हंगामे का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को हुई घटनाओं में 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे और महिलाओं तथा बीएलओ पर भी हमले किए गए। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनावी प्रक्रिया से होकर गुजरता है, न कि सड़कों पर अराजकता फैलाने से।
2029 के चुनाव को लेकर जताया विश्वास
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने आगामी 2029 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा जनता के समर्थन से फिर सरकार बनाएगी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं को तथ्यों के आधार पर जनता के सामने रखा जाए। प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव और प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित थे।
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- हार का नया रिकॉर्ड: डॉ. मजूमदार ने कहा कि वर्ष 2014 से 2025 तक कांग्रेस 56 बार चुनाव हार चुकी है। पहले वह ईवीएम (EVM) को दोष देती थी, और अब हार का ठीकरा ‘SIR’ पर फोड़ रही है.
- संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश: कांग्रेस, राहुल गांधी, टीएमसी, लेफ्ट और झामुमो मिलकर ऐसा माहौल बना रहे हैं जिससे चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कमजोर हो.
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- आंकड़ों का सच: विपक्ष द्वारा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के शोर पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इनमें से:
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- लगभग 2.8 करोड़ मृत मतदाता हैं.
- लगभग 6.3 करोड़ ऐसे मतदाता हैं जो दूसरे स्थानों पर जाकर बस चुके हैं.
- करीब 1 करोड़ डुप्लीकेट नाम शामिल हैं.
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- नियमित प्रक्रिया: देश में यह प्रक्रिया 12वीं बार हो रही है, जिसमें से 10 बार यह कांग्रेस के शासनकाल में ही हो चुकी है. बीएलओ (BLO) ने तीन-तीन बार घर जाकर इसकी पुष्टि की है।
- आंकड़ों का सच: विपक्ष द्वारा 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के शोर पर केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इनमें से:
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- बचकाना बयान: राहुल गांधी द्वारा ‘वोट चोरी की फीलिंग आने’ के बयान को उन्होंने बचकाना और शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा कि चुनाव विदेश घूमने से नहीं बल्कि जनता का दिल जीतने से जीते जाते हैं.
- संविधान पढ़ने की नसीहत: उन्होंने विपक्षी नेताओं को संविधान पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारों का स्पष्ट उल्लेख खुद कांग्रेस के शासनकाल में बने संवैधानिक प्रावधानों में है.
- दिल्ली का हंगामा: केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से सफल न होने पर विपक्ष ने ध्रुव राठी जैसे लोगों को आगे कर दिल्ली में अराजकता का माहौल बनाया, जिसमें 118 पुलिसकर्मी घायल हुए.
- चुनावी भविष्य: उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता 2029 के लोकसभा चुनाव में भी विपक्ष को जवाब देगी और फिर से भाजपा की सरकार बनेगी.
