गीत, गजल, भजन और लोकधुनों से गुलजार हुई सांस्कृतिक संध्या, कलाकारों की प्रस्तुतियों पर झूमे संगीतप्रेमी
पटना। धनतेरस के अवसर पर भारतीय नृत्य कला मंदिर का कॉन्सर्ट हॉल गीत-संगीत की मधुर धुनों से गुलजार रहा। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार और भारतीय नृत्य कला मंदिर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शुक्रगुलजार’ कार्यक्रम में गीत, गजल, भजन और लोकसंगीत की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। पारंपरिक लोकधुनों और भक्तिमय गीतों ने दीपोत्सव के माहौल को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय नृत्य कला मंदिर की प्रशासी पदाधिकारी वंदना सिन्हा, ऐश्वर्या पाठक और धर्मेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत ऐश्वर्या पाठक की गीत, भजन और गजल की प्रस्तुतियों से हुई। उनकी सुमधुर गायिकी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनके साथ तबले पर चंदन कुमार, गिटार पर सुमेश और हारमोनियम पर अभिषेक पाठक ने संगत की। कलाकारों की सुर-ताल की जुगलबंदी ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। इसके बाद धर्मेन्द्र कुमार ने लोकगीतों की प्रस्तुति से समां बांधा। उन्होंने सबसे पहले माता लक्ष्मी की आराधना में देवी गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद श्रीराम विवाह पर आधारित पारंपरिक विवाह गीत सुनाया। वहीं, छठ महापर्व से जुड़े लोकगीतों ने पूरे सभागार को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों में लोकसंस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। संगत में ढोलक पर शिशु कुमार, तबले पर किशु कुमार और बैंजो पर अशोक कुमार ने साथ दिया। कार्यक्रम में भारतीय नृत्य कला मंदिर के प्रशासी पदाधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन सुदीपा घोष ने किया।
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- समारोह का उद्घाटन: कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ भारतीय नृत्य कला मंदिर की प्रशासी पदाधिकारी वंदना सिन्हा, ऐश्वर्या पाठक और धर्मेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
- ऐश्वर्या पाठक की प्रस्तुतियां: सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत ऐश्वर्या पाठक के सुमधुर गीतों, भजनों और गजलों से हुई। उनके साथ तबले पर चंदन कुमार, गिटार पर सुमेश और हारमोनियम पर अभिषेक पाठक ने संगत की।
- धर्मेन्द्र कुमार के लोकगीत: कार्यक्रम के दूसरे भाग में धर्मेन्द्र कुमार ने लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने सबसे पहले माता लक्ष्मी की आराधना में देवी गीत गाया। इसके बाद श्रीराम विवाह पर आधारित विवाह गीत और लोक आस्था के महापर्व छठ के पारंपरिक गीतों को गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
- संगत कलाकार और मंच संचालन: लोकगीतों की प्रस्तुति में ढोलक पर शिशु कुमार, तबले पर किशु कुमार और बैंजो पर अशोक कुमार ने बेहतरीन संगत दी। पूरे कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सुदीपा घोष द्वारा किया गया।
