आगरा। अलीगढ़ शिक्षक एमएलसी सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल शुक्रवार को मतदान के दौरान गड़बड़ियों और अपने समर्थकों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भावुक हो गए। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से शिकायत करने पहुंचे आकाश फूट.फूटकर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन उनके समर्थकोंए शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आकाश अग्रवाल ने भावुक होकर कहा ऐसा लग रहा है कि मैं पाकिस्तान से आया कोई आतंकवादी हूं। मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं ऐसे सनातन में नहीं रहना चाहता हूं। अगले महीने लखनऊ की शाही ईदगाह जाकर इस्लाम कबूल कर लूंगा। उन्बें हार जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि वह आजाद भारत में रह रहे हैं और किस पार्टी से चुनाव लड़ना है इसका फैसला वह खुद करेंगे।
बूथ कैप्चरिंग का लगाया आरोप
शुक्रवार को शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। आकाश अग्रवाल ने खेरागढ़ में पीठासीन अधिकारी पर मतदाताओं को बाहर निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने बूथ कैप्चरिंग का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई। दोपहर करीब तीन बजे वह बूथ कैप्चरिंग की शिकायत लेकर मंडलायुक्त से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। आकाश ने दावा किया कि 12 जिलों में उनके शिक्षक साथियों और स्कूल प्रबंधकों को परेशान किया गया तथा उनकी वजह से 100 से अधिक स्कूलों में पुलिस पहुंची।
समर्थकों को परेशान करना बंद करें
सपा प्रत्याशी ने कहा कि उन्हें चुनाव में हार.जीत की चिंता नहीं है। उनका आरोप है कि चुनाव लड़ने के कारण उनके और उनसे जुड़े स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज देए लेकिन उनके परिवार और शिक्षकों को परेशान करना बंद करें।
निर्दलीय जीत चुके हैं चुनाव
डॉ. आकाश अग्रवाल इससे पहले 2020 में आगरा खंड शिक्षक एमएलसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। उस चुनाव में उन्हें 6ए690 वोट मिले थेए जबकि भाजपा प्रत्याशी दिनेश चंद्र वशिष्ठ को 4,314 वोट मिले थे। आकाश ने 2,376 मतों से जीत दर्ज की थी। इस बार सपा में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें इस बार इसी सीट से प्रत्याशी बनाया।
