रिम्स रांची में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए एक दिवसीय विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
शिविर में अभी तक तकरीबन 280 जन्मजात हृदय रोग से चिन्हित बच्चों की गई स्क्रीनिंग
जन्मजात ह्रदय रोग जांच शिविर में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने की शिरकत
रांची। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखण्ड अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राजेन्द्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (रिम्स),रांची एवं अमृता हॉस्पिटल कोच्ची के सयुंक्त तत्वावधान में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) से पीड़ित बच्चों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन रिम्स,रांची में किया गया है l कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी के द्वारा किया गया l कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, रिम्स रांची के निदेशक प्रो. डॉ डी के सिन्हा, मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉ डॉ हिरेन्द्र बिरुआ, राज्य नोडल पदाधिकारी -RKSH डॉ विजय किशोर राज्य, राज्य नोडल पदाधिकारी IEC – डॉ राहुल किशोर,डॉ ब्रजेश पीके, Heart Surgeon,अमृता हॉस्पिटल कोच्ची, डॉ निशांत, डॉ विष्णु, अमृता हॉस्पीटल कोच्ची, RKSK परामर्शी मुकेश कुमार सहित अन्य परामर्शी एवं स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए l
बता दें की आज राजेन्द्र इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस (RIMS), रांची में आयोजित इस विशेष शिविर में अमृता हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बच्चों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह शिविर अमृता अस्पताल, कोच्ची के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को बेहतर उपचार हेतु चिन्हित कर जांच की जा रही है और जिन बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता होगी उन्हें अमृता अस्पताल कोच्चि ले जाकर हृदय रोग से संबंधित सर्जरी किया जाएगा l शिविर के अंतर्गत अब तक लगभग 280 बच्चों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिसमें से 147 बच्चों की जांच एवं स्क्रीनिंग सफलतापूर्वक की गई है वही 48 बच्चों को सर्जरी की आवश्कता होंगी l शेष बच्चों की जांच प्रक्रिया जारी है। अमृता हॉस्पिटल के चिकित्सकों डॉ ब्रजेश पीके, Heart Surgeon, डॉ निशांत, डॉ विष्णु के द्वारा चिन्हित बच्चों को आवश्यकतानुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि पहले बच्चों को इलाज में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था लेकिन इस कार्यक्रम के माध्यम से एवं अमृता अस्पताल कोच्चि के सहयोग से काफी संख्या में बच्चों का निशुल्क इलाज किया गया है l आंकरे के मुताबिक झारखंड में तकरीबन 3000 से 4000 बच्चे जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हो सकते हैं l इस कार्यक्रम के माध्यम से काफी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं एवं स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं l मेरा सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे जन्मजात हृदय रोग के लक्षणों वाले बच्चों को इस प्रकार के शिविरों में अवश्य लाएं, जिससे समय पर जांच एवं उपचार संभव हो सके और बच्चों शिविर के माध्यम से बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है. शिविर में पहुंचने वाले बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है. साथ ही उनके हृदय रोग की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, जिससे बीमारी की गंभीरता के अनुसार आगे की चिकित्सा व्यवस्था की जा सके.को स्वस्थ जीवन प्रदान किया जा सके।
अपर मुख्य सचिवअजय कुमार सिंह ने कहा कि अमृता हॉस्पिटल की तरफ से जो भी चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की जा रही है हम उसके प्रति आभार व्यक्त करते हैं l आने वाले दिनों में हम रिम्स में भी इस तरह की व्यवस्था लाने के लिए प्रयासरत है l हम आने वाले एक वर्ष में हम कोशिश करेंगे कि रिम्स में भी लोगों को इस तरह की सुविधा मिले ताकि झारखंड के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े l माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा की हम जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने का काम कर रहे हैंl हमारा प्रयास है कि हर अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा को पहुंचाया जाए और हर जरूरतमंद व्यक्ति को निशुल्क स्वास्थ्य लाभ मिले l अमृता अस्पताल कोच्चि और श्री सत्य साईंअस्पताल से हमारा टाइ-अप है और हम इस शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों का इलाज कर रहे हैं एवं सभी बच्चों को एक नया जीवन दे रहे हैं l
निदेशक रिम्स डॉ डी के सिन्हा ने कहा कि शिविर के माध्यम से बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की गयी है हम यथा संभव इसमें अपना सहयोग देंगे l डॉ ब्रजेश पीके, हार्ट सर्जन, अमृता हॉस्पिटल कोच्ची ने कहा की हम पिछले पिछले 27 वर्ष से यह काम कर रहे हैं l हम कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट स्टेट, झारखंड एवं अन्य राज्य में भी काम किए हैं l लेकिन यहां गवर्नमेंट और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का काफी अच्छा सहयोग मिला है l यहां सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा ट्रांसपोर्ट स्क्रीनिंग रहने खाने एवं सब चीज की व्यवस्था की जाती है जो काफी सराहनीय है l कार्यक्रम के दौरान श्रीजीत चक्रवर्ती ( लाभार्थी ) ने अपना अनुभव साझा किया और कहा कि उनके बच्चे का जन्म सदर अस्पताल रांची में हुआ था और डॉक्टर के द्वारा दिल में छेद बताया गया था इसके बाद अमृता अस्पताल कोची के द्वारा 1 महीने में इस बच्चे का सफल सर्जरी किया गया और अभी बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है l कार्यक्रम के अंत में अविष्का चाँद ( Miss India 2025) को एनीमिया मुक्त भारत, टीबी, RKSK और चाइल्ड हेल्थ कार्यक्रम का ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया और माननीय स्वास्थ्य मंत्री जी के द्वारा सम्मानित किया गया
