मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना से पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर मिलेगी 100% सब्सिडी
पटना। बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए। इसमें सबसे अहम फैसला बिहार में महिला विश्वविद्यालय को लेकर लिया गया। पटना में मां सीता के नाम पर महिला विश्वविद्यालय खोलने का बड़ा फैसला लिया गया। इसके साथ ही सरकारी कर्मियों के वेतन के लिए भी राशि की स्वीकृति मिली है। राष्ट्रकवि दिनकर जी की जयंती पर बड़ा निर्णय. राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की जयंती पर मंत्रिपरिषद ने रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय, बेगूसराय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारी एवं कर्मियों के वेतनादि के लिए ₹15 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। दिनकर जी की साहित्यिक एवं राष्ट्रचेतना की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
कैबिनेट में गोधन विकास ऋण योजना से पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर 100% सब्सिडी देने का बड़ा फैसला लिया गया है। इस योजना के लिए 1600 करोड़ से अधिक की स्वीकृति मिली है। कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास के लिए 8 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों, डेयरी मिल्क चिलिंग एवं BMCU जैसी सुविधाओं के विकास के लिए 126.07 करोड़ की स्वीकृति मिली है।
मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना से पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर 100% सब्सिडी मिलेगी। इसके तहत लाभुकों को केवल मूलधन का भुगतान करना होगा। 3 उन्नत गाय या 2 भैंस के माध्यम से दुग्ध उत्पादन, रोजगार और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। योजना के लिए ₹1,600 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई है। वहीं, कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास के लिए 8 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिसमें 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों, डेयरी/मिल्क चिलिंग एवं BMCU जैसी सुविधाओं का विकास होगा। इसके लिए ₹126.07 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। नवादा में फिर लौटेगी गन्ने की मिठास! वारिसलीगंज में नए चीनी मिल की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। इससे ₹500 करोड़ से अधिक का निवेश होगा जिससे नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई के हजारों-हजार किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
