पटना। राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) एवं लघु जल संसाधन मंत्री, बिहार सरकार डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि चुनाव आयोग की आज की स्पष्टता के बाद SIR को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि आयोग का संस्थागत निर्णय है और तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में आंतरिक विचार-विमर्श या सुझावों को अंतिम निर्णय से जोड़कर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
डॉ. सुमन ने कहा कि Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है और SIR के लिए अलग Annexure-D की व्यवस्था की गई थी। आयोग ने आगे बैठकों के एजेंडे पहले साझा करने और कार्यवाही के मिनट्स जारी करने की व्यवस्था की बात भी कही है। यह पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने वाला कदम है। मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता है, क्योंकि पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रखना जितना जरूरी है, उतना ही अपात्र और फर्जी नामों की पहचान करना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को राजनीतिक भ्रम पैदा करने के बजाय चुनाव आयोग की स्पष्टताओं और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता को कमजोर करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की शुचिता पर सभी दलों को जिम्मेदारी के साथ सहयोग करना चाहिए।
