– संबंधित वाहनों के ऑनलाइन सेवाएं होगी बाधित एवं वाहन को किया जायेगा ब्लैकलिस्ट।
– सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में परिवहन विभाग ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को दिया आवश्यक कार्रवाई का निर्देश।
पटना। लंबित ई-चालान एवं यातायात जुर्माने का भुगतान नहीं करने वाले वाहनों के विरुद्ध अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों की ऑनलाइन परिवहन सेवाएं बाधित करने, निबंधन प्रमाण-पत्र के नवीकरण, फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं करने से लेकर वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया रोकने तथा संबंधित वाहनों को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जायेगी। इस संबंध में राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने सभी संयुक्त-सह-सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार तथा सभी जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया है। यह निर्देश माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा wo (civil) NO 295/2012, sS. Raja se ekadam Vs Union of India & Others मामले में पारित न्यायादेश के आलोक में जारी किया गया है।
लंबित ई-चालान वाले वाहनों की ऑनलाइन सेवाएं होंगी बाधित
लंबित ई-चालान अथवा यातायात जुर्माने की राशि बकाया रखने वाले वाहनों की ऑनलाइन सेवाओं को बाधित किया जाएगा। ऐसे वाहनों के निबंधन प्रमाण-पत्र (RC) के नवीकरण, निबंधन प्रमाण पत्र की द्वितीयक प्रति जारी करने तथा वाहन स्वामी के पते में बदलाव जैसी सेवाओं पर रोक लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, लंबित यातायात जुर्माने का पूर्ण भुगतान होने तक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
वाहन के हस्तांतरण पर भी लगेगी रोक
लंबित जुर्माने वाले वाहनों को परिवहन विभाग के पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने तथा उनके स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया बाधित करने का निर्देश दिया गया है। इससे बकाया जुर्माने का भुगतान किए बिना वाहन के हस्तांतरण पर रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही, बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के नवीकरण पर रोक लगाने तथा नियमानुसार लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
वाहनों की होगी रैंडम जांच, उल्लंघन पर हो सकती है जब्ती
वाहनों की रैंडम जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। जांच के दौरान यदि यह पाया जाता है कि वाहन पर जारी ई-चालान का भुगतान नहीं किया गया है अथवा उसका अनुपालन नहीं किया गया है, तो संबंधित वाहन को जब्त करने की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभी संबंधित पदाधिकारियों को अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
सभी संबंधित पदाधिकारियों से सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य यातायात नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना, बकाया जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करना तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पालन और उनका प्रभावी प्रवर्तन अत्यंत आवश्यक है। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लंबित ई-चालान वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल जुर्माने की वसूली करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है, ताकि नियमों का उल्लंघन कम हो, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगे और बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जा सके।
राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने कहा कि यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने तथा ई-चालान जारी होने के बावजूद जुर्माने का भुगतान नहीं करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है। ऐसे वाहनों की नियमित एवं रैंडम जांच करने, लंबित ई-चालान वाले वाहनों की पहचान करने तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना विभाग की प्राथमिकता है।
लंबित ई-चालान नहीं जमा करने पर इन सेवाओं पर लगेगी रोक
– वाहनों के ऑनलाईन सभी सेवाएं बाधित होगी।
– निबंधन प्रमाण पत्र नवीकरण
– निबंधन प्रमाण पत्र की द्वितीयक प्रति निर्गमन पर रोक
– वाहन स्वामी के पत्राचार पते के अपडेशन कार्य बाधित
– अद्यतन दुरुस्ती प्रमाण पत्र निर्गमन कार्य बाधित
– वाहन का स्वामित्व हस्तांतरण
– प्रदूषण प्रमाण पत्र निर्गमन
– वाहन ब्लैकलिस्ट
– यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन करने हेतु चालक अनुज्ञप्ति निलंबन।
