रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और छठ घाटों पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश, 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों समेत अतिरिक्त बल की होगी तैनाती; फर्जी खबरों पर चार घंटे में कार्रवाई का आदेश
पटना। दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान राज्य में सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और स्वच्छता को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि त्योहारों के दौरान आम लोगों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और छठ घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था के साथ 24 घंटे पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्व-त्योहारों के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली और छठ के अवसर पर बिहार के बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि उन्हें अपने गृह राज्य में सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिले तथा यहां सकारात्मक बदलाव का अनुभव हो। इसके लिए सभी जिलों में प्रशासन और पुलिस पूरी सतर्कता एवं तत्परता से काम करें। उन्होंने धनतेरस, दीपावली और छठ महापर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
छठ घाटों पर सुरक्षा और सफाई की विशेष व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाए। सभी जिलों में क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित कर उन्हें सक्रिय और अलर्ट रखा जाए। रेलवे स्टेशनों तथा बस स्टैंडों के आसपास 24 घंटे गश्त की व्यवस्था हो। पुलिस पेट्रोलिंग प्रभावी रहे और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
उन्होंने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी स्वयं इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करें। छठ घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्थानीय स्वयंसेवकों को भी व्यवस्था में शामिल किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों के छठ घाटों पर स्थानीय तैराकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कहीं भी नंगे तार का उपयोग नहीं होना चाहिए।
दलित-महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाएं अधिकारी
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को दलित एवं महादलित टोलों में जाकर लोगों के साथ पर्व मनाने तथा उन्हें आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनने का निर्देश दिया। साथ ही सक्षम एवं संपन्न लोगों से 125 यूनिट बिजली सब्सिडी का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील का प्रचार-प्रसार कराने को कहा।
कायाकल्प अभियान में दोगुनी योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी कर दी गई है। जिलाधिकारी इनकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी गांव विकास योजनाओं से वंचित नहीं रहे। सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन सहित सभी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं को अभियान के दायरे में लाया जाए। उन्होंने बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सभी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश भी दिया।
फर्जी खबरों पर चार घंटे में दें जवाब
मुख्यमंत्री ने भ्रामक एवं फर्जी खबरों से निपटने के लिए प्रत्येक स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी खबर में तथ्य सही पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए जवाब दिया जाए और गलत सूचना होने पर उसका शीघ्र खंडन किया जाए। इसके लिए अधिकतम चार घंटे के भीतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि भ्रामक सूचनाओं से नकारात्मक माहौल नहीं बने और जनता तक सही जानकारी पहुंचे। उन्होंने संबंधित समस्याओं पर की जा रही कार्रवाई और उनके समाधान की जानकारी भी नियमित रूप से साझा करने को कहा।
उद्योगपतियों के साथ हर महीने बैठक करेंगे डीएम और एसपी
मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक माह उद्योगपतियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान कर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। उन्होंने कहा कि जमीन अधिग्रहण के कार्य में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी इस दिशा में तेजी से कार्रवाई करें। साथ ही ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को भी आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे 25 नवंबर के बाद विभिन्न जिलों का भ्रमण करेंगे। 16 नवंबर के बाद विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को जवाबदेही और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य में सुशासन, सुरक्षा और विकास की गति बनी रहे।
16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों सहित अतिरिक्त बल की तैनाती
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1,500 पीटीसी कर्मियों, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक (विशेष सुरक्षा) कुन्दन कृष्णन, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सोहेल और भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलों के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी भी बैठक से जुड़े थे।
