– परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एनआईटी (निविदा सूचना) का किया गया प्रकाशन।
– आईटीएमएस योजना के तहत राज्यभर में आधुनिक तकनीक आधारित यातायात निगरानी व्यवस्था होगी विकसित।
– 10 वर्षों तक सिस्टम के संचालन एवं रखरखाव की होगी व्यवस्था।
– उच्च जोखिम वाले कॉरिडोर एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर तकनीक आधारित निगरानी होगी सुनिश्चित।
पटना। बिहार में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी निगरानी रखने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) योजना लागू की जा रही है। इसके तहत राज्य के 500 स्थानों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तकनीक से युक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इस परियोजना के माध्यम से उच्च जोखिम वाले सड़क कॉरिडोर, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन प्रणाली विकसित की जाएगी।
मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन के लिए निविदा प्रकाशित
परियोजना के क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग ने 4 नवंबर 2026 को मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर (एमएसआई) के चयन हेतु निविदा आमंत्रित की है। इसके अंतर्गत चयनित एजेंसी द्वारा आईटीएमएस का डिजाइन, आपूर्ति, स्थापना, क्रियान्वयन, एकीकरण एवं कमीशनिंग किया जाएगा। पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर अगले 10 वर्षों तक सिस्टम के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी होगी।
प्री-बिड की अंतिम तिथि 13 नवंबर
निविदा प्रक्रिया के तहत प्री-बिड से संबंधित प्रश्न भेजने की अंतिम तिथि 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि प्री-बिड बैठक 19 नवंबर को होगी। इच्छुक एजेंसियां 4 दिसंबर 2026 को शाम 4 बजे तक अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। तकनीकी एवं प्री-क्वालिफिकेशन प्रस्ताव इसी दिन खोले जाएंगे। एजेंसी का चयन तकनीकी मूल्यांकन में न्यूनतम 70 अंक प्राप्त करने की अनिवार्यता के साथ एल-1 (न्यूनतम वित्तीय बोली) के आधार पर किया जाएगा।
इस परियोजना से सड़क दुर्घटनाओं की हो सकेगी रोकथाम
परिवहन सचिव श्री राज कुमार ने बताया कि इस परियोजना के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन की निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन तथा सड़क सुरक्षा उपायों को तकनीक आधारित बनाने में मदद मिलेगी। इससे राज्य में यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
