सचिव शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में COMFED सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित; 15 अक्टूबर को दल प्रस्तुत करेगा निरीक्षण प्रतिवेदन एवं सुझाव
पटना। भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा बिहार में संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रगति एवं जमीनी स्तर पर उनके प्रभावों का आकलन करने के उद्देश्य से चार सदस्यीय राष्ट्रीय स्तरीय मॉनिटरिंग दल (National Level Monitors) बिहार के भ्रमण पर आया है। इस दल में भारत सरकार के श्री मुकेश शर्मा, सहायक निदेशक, डॉ० कर्नल अजय कुमार गहलोत, डॉ० अनिल कुमार एवं श्री ए० एल० निराला शामिल हैं। दल द्वारा राज्य के छह जिलों—पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, पूर्वी चंपारण एवं गोपालगंज में केंद्र सरकार की विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में 09 अक्टूबर को COMFED के सभागार में श्री शीर्षत कपिल अशोक, सचिव, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार सह प्रबंध निदेशक, COMFED की अध्यक्षता में राष्ट्रीय स्तरीय मॉनिटरिंग दल के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में संचालित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध उपलब्धियों, योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों तथा पशुपालकों को प्राप्त हो रहे लाभों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई।
पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं की होगी विशेष समीक्षा
राष्ट्रीय स्तरीय मॉनिटरिंग दल द्वारा पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (Livestock Health and Disease Control Programme) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया जाएगा। इनमें विशेष रूप से खुरपका-मुँहपका रोग (FMD), लम्पी स्किन डिजीज (LSD) एवं अन्य पशु रोगों के विरुद्ध टीकाकरण कार्यक्रम, पशु रोग नियंत्रण हेतु राज्यों को सहायता (ASCAD), मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई (MVU) तथा पशु औषधि किसान समृद्धि केंद्र जैसी योजनाएँ शामिल हैं। दल द्वारा मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन, पशुपालकों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुँच, टीकाकरण की वास्तविक स्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा योजनाओं से लाभान्वित पशुपालकों से प्राप्त जानकारी के आधार पर क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। बैठक में प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में खुरपका-मुँहपका रोग के विरुद्ध 420.90 लाख टीकाकरण की उपलब्धि दर्ज की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 96.27 प्रतिशत है। इसी प्रकार गलघोंटू एवं लंगड़ी बुखार के विरुद्ध टीकाकरण में 99.99 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की जानकारी दी गई।
नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं डेयरी विकास योजनाओं का भी होगा मूल्यांकन
दल द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं के विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों में बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (MAITRI) के प्रशिक्षण, सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक तथा पशुओं की नस्ल सुधार से संबंधित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD), पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM), ब्रीड मल्टीप्लिकेशन फार्म तथा कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण संस्थानों से संबंधित गतिविधियों एवं परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। बैठक में प्रस्तुत राष्ट्रीय गोकुल मिशन के प्रतिवेदन में राज्य में कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं के विस्तार तथा उन्नत प्रजनन तकनीकों के माध्यम से पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से लगभग 49.08 लाख कृत्रिम गर्भाधान किए जाने की जानकारी भी साझा की गई।
छह जिलों में योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन
राष्ट्रीय स्तरीय मॉनिटरिंग दल के चारों पदाधिकारियों को निरीक्षण हेतु अलग-अलग जिले आवंटित किए गए हैं। निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार दल के सदस्य संबंधित जिलों में योजनाओं से जुड़ी संस्थाओं, पशु चिकित्सा सेवाओं, प्रशिक्षण केंद्रों, परियोजना स्थलों एवं लाभार्थियों से संपर्क कर योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन का आकलन करेंगे। निरीक्षण के दौरान योजनाओं की भौतिक उपलब्धियों, आधारभूत संरचनाओं की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों के उपयोग, सेवा वितरण की गुणवत्ता तथा पशुपालकों की आय एवं आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस निरीक्षण का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति का सत्यापन करना ही नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान कर सुधारात्मक सुझाव उपलब्ध कराना भी है।
15 अक्टूबर को विभाग के समक्ष प्रस्तुत होगा निरीक्षण प्रतिवेदन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय स्तरीय मॉनिटरिंग दल द्वारा जिला भ्रमण एवं स्थल निरीक्षण के उपरांत दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को विभाग के समक्ष अपने निरीक्षण निष्कर्ष, अनुभव एवं सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। दल द्वारा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति के आधार पर तैयार प्रतिवेदन एवं अनुशंसाएँ भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग को भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि योजनाओं के प्रभावी संचालन, संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा पशुपालकों तक सरकारी सेवाओं एवं लाभों की पहुँच को और सुदृढ़ किया जा सके।
समीक्षा बैठक में डॉ० सुनील कुमार ठाकुर, अपर निदेशक, पशुपालन सह परियोजना निदेशक, बिहार पशुधन विकास अभिकरण (BLDA); डॉ० राजेश कुमार चौबे, निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान; डॉ० दिनेश जौनपुरी, संयुक्त निदेशक; डॉ० रमेश कुमार, सहायक निदेशक, पशुपालन सूचना एवं प्रसार सहित विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं के नोडल पदाधिकारी अपने-अपने योजनावार प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित थे। बैठक में राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, उन्नत नस्ल के पशुधन विकास, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि तथा पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया गया।
