आज की सरकार साम्राज्यवाद की पिठ्ठू सरकारभगत सिंह के सपनों को कुचल रही– दीपांकर भट्टाचार्य
SIR के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आगे आएं – दीपांकर भट्टाचार्य
पटना। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आज भाकपा-माले के महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने गांधी मैदान, पटना के समीप भगत सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित ‘संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ सभा को संबोधित करते हुए कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि भगत सिंह की विरासत इस देश की असली विरासत है। भगत सिंह ने जिस भारत का सपना देखा था, हमें वैसा ही भारत बनाना है। आज की मोदी सरकार भगत सिंह के सपनों को कुचल रही है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह महज 23 वर्ष की उम्र में देश के लिए शहीद हो गए थे। आज इसी उम्र के नौजवान मोदी सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। भगत सिंह एक समाजवादी देश चाहते थे, जहां समानता हो और देश के संसाधनों पर सबका समान अधिकार हो। लेकिन आज मोदी सरकार SIR के नाम पर लोगों के वोट देने का अधिकार छीन रही है संसाधनों को मुट्ठी भर पूंजीपतियों के हवाले कर रही है।
दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को जेल में डाला जा रहा है और असहमति की आवाजों को कुचला जा रहा है। UPI के इस्तेमाल पर चार्ज लगाने का फैसला आम जनता और रोजी-रोजगार करने वाले लोगों पर सत्ता का हमला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए SIR के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में इस देश का चुनाव आयोग नहीं चल सकता। उन्होंने भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगत सिंह पूंजीवाद और साम्राज्यवाद के नाश की बात करते थे। लेकिन आज दुनिया का सबसे बड़ा साम्राज्यवादी देश अमेरिका पूरी दुनिया में अशांति फैला रहा है और मोदी सरकार उसके पिछलग्गू बनी हुई है। आज केंद्र सरकार साम्राज्यवाद की पिठ्ठू सरकार बन गई है।
भगत सिंह के दो नारे इंकलाब जिंदाबाद और साम्राज्यवाद मुर्दाबाद के नारे के साथ आज फासीवाद हो बर्बाद भी जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाला व्यापार समझौता भारत के किसानों और देश के आंतरिक हितों के लिए खतरनाक है। भगत सिंह के विचारों और उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए हमें साम्राज्यवाद, शोषण और असमानता के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा। सभा में संविधान, लोकतंत्र, मताधिकार और भगत सिंह के समाजवादी भारत के सपने को साकार करने का संकल्प लिया गया।
