एसआईआर पर भ्रम फैलाने के बजाय जनता के बीच तथ्य रखे विपक्ष : भूपेंद्र यादव
लोकतंत्र की रक्षा के लिए भाजपा का जनजागरण अभियान, जनता के सामने सच्चाई लाना हमारा दायित्व: भूपेंद्र यादव
जीत-हार का संबंध एसआईआर से नहीं, जनता से विपक्ष के टूटे जुड़ाव से है : भूपेंद्र यादव
विपक्ष के थिंक टैंक में चरमपंथी विचारधारा के लोगों का प्रभाव, लोकतंत्र के नाम पर फैला रहे भ्रम : भूपेंद्र यादव
विपक्ष चुनाव हारने पर ईवीएम और एसआईआर को बनाता है निशाना, जनता के जनादेश का करे सम्मान : भूपेंद्र यादव
पटना। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने गुरुवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने और अराजकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक सामान्य संवैधानिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान इसी भ्रम को दूर करने और लोकतंत्र के प्रति जनजागरण के लिए चलाया जा रहा है। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित बिहार सरकार के मंत्री रामचंद्र प्रसाद,प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर,मीडिया संयोजक दानिश इकबाल एवं प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल मौजूद रहे।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार की धरती लोकतंत्र की प्रेरणादायी भूमि रही है। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में बिहार का महत्वपूर्ण योगदान है। जब कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया था, तब जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार से ही लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प और संघर्ष शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि बिहार में काम करते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं, विचार-विमर्श और जनभागीदारी का महत्व सीखा है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अधिकार है। विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नामों को दुरुस्त करना तथा पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। वर्ष 1950 से 2024 तक आठ बार गहन पुनरीक्षण हो चुका है। पहले किसी राजनीतिक दल ने इस सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विरोध नहीं किया।
भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में लगभग 7.89 करोड़ मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को प्रारूप सूची उपलब्ध कराई गई थी। सर्वोच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान सामने आया कि 1.60 लाख बीएलए में से केवल दो आपत्तियां दर्ज कराई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 89 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा किया, लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा फॉर्म-7 भरने को कहे जाने के बावजूद आपत्तियां दर्ज नहीं कराई गईं। यादव ने कहा कि विपक्ष को यदि मतदाता सूची पर वास्तविक आपत्ति थी, तो उसे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सामने आना चाहिए था। केवल राजनीतिक बयानबाजी से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता।
भूपेंद्र यादव ने विपक्षी दलों के थिंक टैंक में चरमपंथी विचारधारा के लोगों के प्रभाव होने की बात करते हुए कहा कि कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी के निर्णयों पर ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाते हैं। यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक संवाद और जनविश्वास को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव में जीतने पर लोकतंत्र की जीत बताता है और हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। केरल में जीत को लोकतंत्र की जीत बताने वाले दल बिहार और अन्य राज्यों में हारने पर एसआईआर और ईवीएम को दोष देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत-हार का संबंध जनता के विश्वास से होता है। विपक्ष का जनता से जुड़ाव कमजोर हुआ है, इसलिए वह चुनावी परिणामों के बाद बहाने तलाशता है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा भाजपा की पंच निष्ठाओं में प्रथम है। भाजपा का अभियान जनता के बीच सच्चाई पहुंचाने, भ्रम दूर करने और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए है। एक व्यक्ति, एक वोट का सिद्धांत तभी प्रभावी होगा, जब पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए और अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जाए। अवैध घुसपैठ के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता की पात्रता में भारतीय नागरिकता तथा 18 वर्ष की आयु महत्वपूर्ण है। पात्र नागरिकों को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और राजनीतिक आरोपों का जवाब देना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। दिल्ली के वायु प्रदूषण को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति को लेकर संवेदनशील है और निर्माण कार्यों पर रोक, वर्क फ्रॉम होम तथा एनसीआर के लिए एकीकृत कार्ययोजना जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी से संसद में आकर चर्चा करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सार्थक संवाद जरूरी है। भाजपा लोकतंत्र को भ्रम, झूठ और अराजकता की बलि नहीं चढ़ने देगी।
